Nakshanjali
← सभी लेख

Nakshanjali लेख

जन्म-कुंडली में क्या होता है?

वैदिक जन्म-कुंडली के मुख्य भागों और उनके अर्थ का सरल परिचय।

जन्म-विवरण पर आधारित एक चित्र

जन्म-कुंडली व्यक्ति की जन्म-तिथि, समय और स्थान के अनुसार सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की स्थितियों का मानचित्र है। वैदिक ज्योतिष में इन स्थितियों को राशियों और भावों में व्यवस्थित कर परंपरागत तरीकों से समझा जाता है।

ग्रह, राशियाँ और भाव

ग्रह अलग-अलग विषयों से जुड़े माने जाते हैं, राशियाँ उनके व्यक्त होने की शैली बताती हैं और भाव जीवन के क्षेत्रों को व्यवस्थित करते हैं। लग्न की गणना जन्म-समय और स्थान से होती है और उसी से भावों का क्रम तय होता है।

कुंडली संदर्भ है, गारंटी नहीं

ज्योतिषीय व्याख्या पूरी कुंडली और अपनाई गई पद्धति पर निर्भर करती है। किसी एक स्थिति को पूरा विवरण या निश्चित परिणाम नहीं मानना चाहिए। Nakshanjali कुंडली की जानकारी और व्याख्याएँ उस संदर्भ को समझने के लिए प्रस्तुत करता है।

और पढ़ें

Read this article in English

सभी लेख